Sign in or Join FriendFeed
FriendFeed is the easiest way to share online. Learn more »
Poetry Shayari
तुमने चहचती हुई चिड़िया और कांव कांव करते कौवे को तो आवश्ये देखा होगा| जानते हो यह ऐसा क्यो करते है? क्योकि यह भी तुम्हारी तरहा आपस में बाते करते है| बोल दो मीठे बोल पिया से पपीहा पीहू पीहू... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]] - Poetry Shayari