नया पृष्ठ [[चित्र:GoogleChromeLogo.png|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[वेब ब्राउज़र]]''' एक प्रकार का [[सॉफ्टवेयर]] होता है, जो की [[विश्वव्यापी वेब]] या स्थानीय [[सर्वर]] पर उपलब्ध लेख, छवियों, चल-छित्रों, संगीत, और अन्य जानकारियों इत्यादि को देखने तथा अन्य [[इन्टरनेट]] सुविधाओं के प्रयोग करने मैं प्रयुक्त होता है। [[वेब पृष्ठ]] [[एच.टी.एम.एल.]] नामक कंप्यूटर भाषा मैं लिखे जाते है, तथा वेब ब्राउजर उन [[एच.टी.एम.एल.]] पृष्ठों को उपभोक्ता के कंप्यूटर पर दर्शाता है। व्यक्तिगत कंप्यूटरों पर प्रयोग होने वाले कुछ मुख्य वेब ब्राउजर हैं [[इन्टरनेट एक्स्प्लोरर]], [[मोजिला फ़ायरफ़ॉक्स]],[[सफारी]], [[ऑपेरा]], [[फ्लॉक]] और [[गूगल क्रोम]], इत्यादि।... [[वेब ब्राउज़र|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] </div>
← पुराना संशोधन ०४:०५, २२ दिसंबर २००९ का संस्करण (बीच वाला एक अवतरण दर्शाये नहीं हैं ।) पंक्ति १: पंक्ति १: - [[चित्र:GoogleChromeLogo.png|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[गूगल क्रोम]]''' एक [[वेब ब्राउज़र]] है जिसे [[गूगल]] द्वारा [[मुक्त स्रोत]] कोड द्वारा निर्मित किया गया है। इसका नाम [[ग्राफिकल यूज़र इंटरफ़ेस]] (''GUI'') के फ्रेम यानि क्रोम पर रखा गया है। इस प्रकल्प का नाम '''क्रोमियम''' है तथा इसे [[बीएसडी लाईसेंस]] के तहत जारी किया गया है। [[२ सितंबर]], [[२००८]] को गूगल क्रोम का ४३ भाषाओं में [[माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़]] [[प्रचालन तंत्र]] हेतु बीटा संस्करण जारी किया गया। यह नया ब्राउज़र [[मुक्त स्रोत]] [[लाइनेक्स|लाइनक्स कोड]] पर आधारित होगा, जिसमें तृतीय पार्टी विकासकर्ता को भी उसके अनुकूल अनुप्रयोग बनाने की सुविधा मिल सकेगी।... [[गूगल क्रोम|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] + [[चित्र:GoogleChromeLogo.png|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[गूगल...
← पुराना संशोधन ११:१३, २० दिसंबर २००९ का संस्करण पंक्ति १: पंक्ति १: - [[चित्र:ShreekantVerma.jpg|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> [[श्रीकांत वर्मा]] ([[१८ नवंबर]] [[१९३१]]-१९८६) का जन्म [[बिलासपुर]], [[मध्य प्रदेश]] में हुआ। वे गीतकार, कथाकार तथा समीक्षक के रूप में जाने जाते हैं। ये राजनीति से भी जुडे थे तथा लोकसभा के सदस्य रहे। १९५७ में प्रकाशित भटका मेघ, १९६७ में प्रकाशित मायादर्पण और दिनारम्भ, १९७३ में प्रकाशित जलसाघर और १९८४ में प्रकाशित मगध इनकी काव्य-कृतियाँ हैं। 'झाडियाँ तथा 'संवाद इनके कहानी-संग्रह है। 'बीसवीं शताब्दी के अंधेरे में एक आलोचनात्मक ग्रंथ है।... [[श्रीकांत वर्मा|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] + [[चित्र:ShreekantVerma.jpg|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[श्रीकांत वर्मा]]''' ([[१८ नवंबर]] [[१९३१]]-१९८६) का जन्म [[बिलासपुर]], [[मध्य प्रदेश]] में हुआ। वे गीतकार, कथाकार तथा समीक्षक के रूप में जाने जाते हैं। ये राजनीति से भी जुडे...
← पुराना संशोधन ११:२२, २० दिसंबर २००९ का संस्करण पंक्ति १: पंक्ति १: - [[चित्र:ShreekantVerma.jpg|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[श्रीकांत वर्मा]]''' ([[१८ नवंबर]] [[१९३१]]-१९८६) का जन्म [[बिलासपुर]], [[मध्य प्रदेश]] में हुआ। वे गीतकार, कथाकार तथा समीक्षक के रूप में जाने जाते हैं। ये राजनीति से भी जुडे थे तथा [[लोकसभा]] के सदस्य रहे। [[१९५७]] में प्रकाशित भटका मेघ, [[१९६७]] में प्रकाशित मायादर्पण और दिनारम्भ, [[१९७३]] में प्रकाशित जलसाघर और [[१९८४]] में प्रकाशित मगध इनकी काव्य-कृतियाँ हैं। 'झाडियाँ तथा 'संवाद इनके कहानी-संग्रह है। 'बीसवीं शताब्दी के अंधेरे में एक आलोचनात्मक ग्रंथ है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा [[बिलासपुर]] तथा [[रायपुर]] में हुई तथा [[नागपुर विश्वविद्यालय]] से [[१९५६]] में उन्होंने [[हिन्दी]] साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। इसके बाद वे [[दिल्ली]] चले गए और वहाँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लगभग एक दशक तक पत्रकार के रूप में कार्य किया।... [[श्रीकांत वर्मा|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] +...
← पुराना संशोधन ११:१८, २० दिसंबर २००९ का संस्करण पंक्ति १: पंक्ति १: - [[चित्र:ShreekantVerma.jpg|right|100px|श्रीकांत वर्मा]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[श्रीकांत वर्मा]]''' ([[१८ नवंबर]] [[१९३१]]-१९८६) का जन्म [[बिलासपुर]], [[मध्य प्रदेश]] में हुआ। वे गीतकार, कथाकार तथा समीक्षक के रूप में जाने जाते हैं। ये राजनीति से भी जुडे थे तथा लोकसभा के सदस्य रहे। १९५७ में प्रकाशित भटका मेघ, १९६७ में प्रकाशित मायादर्पण और दिनारम्भ, १९७३ में प्रकाशित जलसाघर और १९८४ में प्रकाशित मगध इनकी काव्य-कृतियाँ हैं। 'झाडियाँ तथा 'संवाद इनके कहानी-संग्रह है। 'बीसवीं शताब्दी के अंधेरे में एक आलोचनात्मक ग्रंथ है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर तथा रायपुर में हुई तथा नागपुर विश्वविद्यालय से १९५६ में उन्होंने हिन्दी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। इसके बाद वे दिल्ली चले गए और वहाँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लगभग एक दशक तक पत्रकार के रूप में कार्य किया।... [[श्रीकांत वर्मा|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] + [[चित्र:ShreekantVerma.jpg|right|100px|श्रीकांत...
नया पृष्ठ [[चित्र:PratibhaIndia.jpg|right|100px|प्रतिभा देवीसिंह पाटिल]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> [[प्रतिभा देवीसिंह पाटिल]] (उपनाम:प्रतिभा ताई) (जन्म [[१९ दिसंबर]] [[१९३४]]) स्वतंत्र [[भारत]] के ६० साल के इतिहास में पहली महिला राष्ट्रपति हैं| राष्ट्रपति चुनाव में प्रतिभा पाटिल ने अपने प्रतिद्वंदी [[भैरोंसिंह शेखावत]] को तीन लाख से ज़्यादा मतों से हराया। प्रतिभा पाटिल को ६,३८,११६ मूल्य के मत मिले, जबकि भैरोंसिंह शेखावत ३,३१,३०६ मत मिले। इस तरह वे भारत की १३वीं राष्ट्रपति चुन ली गई हैं। उन्होंने [[२५ जुलाई]] [[२००७]] को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ ली। [[महाराष्ट्र]] के [[जलगांव]] जिले में जन्मी प्रतिभा के पिता का नाम श्री नारायण राव था। साड़ी और बड़ी सी बिंदी लगाने वाली यह साधारण पहनावे वाली महिला राजनीति में आने से पहले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रही थी। [[प्रतिभा देवीसिंह पाटिल|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] </div>
नया पृष्ठ [[चित्र:Nakki.jpg|right|100px|नक्की झील]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> [[नक्की झील]] [[माउंट आबू]] का एक सुंदर पर्यटन स्थल है। मीठे पानी की यह [[झील]], जो [[राजस्थान]] की सबसे ऊँची झील हैं सर्दियों में अक्सर जम जाती है। कहा जाता है कि एक [[हिन्दू]] [[देवता]] ने अपने नाखूनों से खोदकर यह झील बनाई थी। इसीलिए इसे नक्की (नख या नाखून) नाम से जाना जाता है। झील से चारों ओर के पहाड़ियों का दृश्य अत्यंत सुंदर दिखता है। इस झील में नौकायन का भी आनंद लिया जा सकता है। नक्की झील के दक्षिण-पश्चिम में स्थित सूर्यास्त बिंदू से डूबते हुए [[सूर्य]] के सौंदर्य को देखा जा सकता है। यहाँ से दूर तक फैले हरे भरे मैदानों के दृश्य आँखों को शांति पहुँचाते हैं। सूर्यास्त के समय आसमान के बदलते रंगों की छटा देखने सैकड़ों पर्यटक यहाँ आते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य का नैसर्गिक आनंद देनेवाली यह झील चारों ओऱ [[पर्वत]] शृंखलाओं से घिरी है। [[नक्की झील|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] </div>
The css file where that is defined is base.css The rule is: background: #035 url('../images/heading.png') left top repeat-x; border-bottom: 1px solid #000; /* tab border */ position: relative; You just need to override that rule to change it for your site.
← पुराना संशोधन १३:५५, १४ दिसंबर २००९ का संस्करण पंक्ति १: पंक्ति १: - [[चित्र:Saturn from Cassini Orbiter (2004-10-06).jpg|right|100px]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> [[शनि]] [[सौर्यमंडल]] का एक सदस्य [[ग्रह]] है। यह [[सूरज]] से छटे स्थान पर है और सौर्यमंडल में [[बृहस्पति]] के बाद सबसे बड़ा ग्रह हैं। इसके कक्षीय परिभ्रमण का पथ १४,२९,४०,००० किलोमीटर है। शनि के ६० उपग्रह् हैं। जिसमें टाइटन सबसे बड़ा है। टाइटन बृहस्पति के उपग्रह गिनिमेड के बाद दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह् है। शनि ग्रह की खोज प्राचीन काल में ही हो गई थी। [[गैलिलियो]] ने सन् [[१६१०]] में दूरबीन से इस ग्रह का आविष्कार किया। शनि ग्रह की रचना ७५% [[हाइड्रोजन]] और २५% [[हीलियम]] से हुई है। [[पानी]], [[मीथेन]], [[अमोनिया]] और पत्थर बहुत कम मात्रा में यहाँ पाए जाते हैं। शनि ग्रह के चारों ओर भी कई छल्ले हैं। यह छल्ले बहुत ही पतले होते हैं। हालांकि यह छल्ले चौड़ाई में २५०,००० किलोमीटर है लेकिन यह मोटाई में एक किलोमीटर से भी कम हैं। इन छल्लों के कण मुख्यत: बर्फ और बर्फ से ढ़के पथरीले पदार्थों...
नया पृष्ठ [[चित्र:Deepak sharma samall1.jpg|right|कथाकार: दीपक शर्मा|right|100px]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[दीपक शर्मा]]''' (जन्म [[३० नवंबर]] [[१९४६]]) [[हिन्दी]] की जानी मानी कथाकार हैं। उन्होंने [[चंडीगढ़]] स्थित [[पंजाब विश्वविद्यालय]] से [[अँग्रेजी]] साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। उनके पिता आल्हासिंह भुल्लर [[पाकिस्तान]] के लब्बे गाँव के निवासी थे तथा माँ मायादेवी धर्मपरायण गृहणी थीं। [[१९७२]] में उनका विवाह श्री प्रवीण चंद्र शर्मा से हुआ जो [[भारतीय प्रशासनिक सेवा]] के अधिकारी थे। लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज के अंग्रेज़ी विभाग में वरिष्ठ प्रवक्ता दीपक शर्मा की लगभग २५० कहानियाँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं जिन्हें १४ कथा-संग्रहों में संकलित किया गया हैं जिनमें से कुछ के नाम इस प्रकार हैं– हिंसाभास, दुर्गभेद, परखकाल, रण-मार्ग, बवंडर, उत्तरजीवी, आतिशी शीशा, आपदधर्म तथा अन्य कहानियाँ, चाबुक सवार और रथक्षोभ। [[दीपक शर्मा|'''विस्तार से पढ़ें'''...]] </div>
नया पृष्ठ [[चित्र:Voyager 1 entering heliosheath region.jpg|150px|right]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''सौर वायु''' ([[अंग्रेज़ी]]:सोलर विंड) [[सूर्य]] से बाहर वेग से आने वाले आवेशित कणों या [[प्लाज़्मा (भौतिकी)|प्लाज़्मा]] की बौछार को नाम दिया गया है। ये कण [[अंतरिक्ष]] में चारों दिशाओं में फैलते जाते हैं। इन कणों में मुख्यत: [[प्रोटोन|प्रोटोन्स]] और [[इलेक्ट्रॉन]] (संयुक्त रूप से [[प्लाज़्मा (भौतिकी)|प्लाज़्मा]]) से बने होते हैं जिनकी ऊर्जा लगभग एक [[इलेक्ट्रॉन वोल्ट |किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट]] (के.ई.वी) हो सकती है। फिर भी सौर वायु प्रायः अधिक हानिकारक या घातक नहीं होती है। यह लगभग १०० ई.यू ([[खगोलीय इकाई]]) के बराबर दूरी तक पहुंचती हैं। खगोलीय इकाई यानि यानि एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट्स, जो [[पृथ्वी]] से सूर्य के बीच की दूरी के बराबर परिमाण होता है। १०० ई.यू की यह दूरी सूर्य से वरुण ग्रह के समान है जहाँ जाकर यह [[अंतरतारकीय माध्यम]] (इंटरस्टेलर मीडियम) से टकराती हैं। '''[[सौर वायु|विस्तार से...]]''' </div>
posted by pauuparts | Accessories / Parts for Cars / SUVs / Trucks / Vans For Sale | P880.00 | 0 post | 0 view [color=#000]AUTO CARE products[/color] Clean-Rite purple power carwash car shampoo 880php 1us gallon very effiicient,great sudsing and foaming. [color=#9300C4]Purple Power® Classic Car Wash A concentrated high-foaming shampoo with a cherry scent specially formulated to polish and shine as it... [ purple power car wash shampoo! ]
- RJ David
नया पृष्ठ: फ़िराक़ गोरखपुरी<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;... नया पृष्ठ [[चित्र:Firaq Gorakhpuri (1896-1982).jpg|80px|right|फ़िराक़ गोरखपुरी]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[फ़िराक़ गोरखपुरी|रघुपति सहाय उर्फ फिराक गोरखपुरी]]''' ([[२८ अगस्त]] [[१८९६]] - [[३ मार्च]] [[१९८३]]) का जन्म [[गोरखपुर]], [[उत्तर-प्रदेश]] में [[कायस्थ]] परिवार में हुआ। इनका मूल नाम रघुपति सहाय था। रामकृष्ण की कहानियों से शुरुआत के बाद की शिक्षा [[अरबी]], [[फारसी]] और [[अंग्रेजी]] में हुई। [[२९ जून]], [[१९१४]] को उनका विवाह प्रसिद्ध जमींदार विन्देश्वरी प्रसाद की बेटी किशोरी देवी से हुआ। कला स्नातक में पूरे प्रदेश में चौथा स्थान पाने के बाद आई.सी.एस. में चुने गये। १९२० में नौकरी छोड़ दी तथा [[स्वराज्य आंदोलन]] में कूद पड़े तथा डेढ़ वर्ष की जेल की सजा भी काटी। । जेल से छूटने के बाद [[जवाहरलाल नेहरू]] ने उन्हें [[अखिल भारतीय कांग्रेस]] के दफ्तर में अवर सचिव की जगह दिला दी। बाद में नेहरू जी के [[यूरोप]] चले जाने के बाद कांग्रेस का पद छोड़...
← पुराना संशोधन ०२:४४, ८ दिसंबर २००९ का संस्करण पंक्ति १: पंक्ति १: - [[चित्र:Firaq Gorakhpuri (1896-1982).jpg|80px|right|फ़िराक़ गोरखपुरी]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[फ़िराक़ गोरखपुरी|रघुपति सहाय उर्फ फिराक गोरखपुरी]]''' ([[२८ अगस्त]] [[१८९६]] - [[३ मार्च]] [[१९८३]]) का जन्म [[गोरखपुर]], [[उत्तर-प्रदेश]] में [[कायस्थ]] परिवार में हुआ। इनका मूल नाम रघुपति सहाय था। रामकृष्ण की कहानियों से शुरुआत के बाद की शिक्षा [[अरबी]], [[फारसी]] और [[अंग्रेजी]] में हुई। [[२९ जून]], [[१९१४]] को उनका विवाह प्रसिद्ध जमींदार विन्देश्वरी प्रसाद की बेटी किशोरी देवी से हुआ। कला स्नातक में पूरे प्रदेश में चौथा स्थान पाने के बाद आई.सी.एस. में चुने गये। १९२० में नौकरी छोड़ दी तथा [[स्वराज्य आंदोलन]] में कूद पड़े तथा डेढ़ वर्ष की जेल की सजा भी काटी। । जेल से छूटने के बाद [[जवाहरलाल नेहरू]] ने उन्हें [[अखिल भारतीय कांग्रेस]] के दफ्तर में अवर सचिव की जगह दिला दी। बाद में नेहरू जी के [[यूरोप]] चले जाने के बाद कांग्रेस का पद छोड़ दिया। फिर [[इलाहाबाद...
नया पृष्ठ [[चित्र:Firaq Gorakhpuri (1896-1982).jpg|80px|right|फ़िराक़ गोरखपुरी]]<div style="font-size:90%;border:none;margin: 0;padding:.1em;color:#000"> '''[[फ़िराक़ गोरखपुरी|रघुपति सहाय उर्फ फिराक गोरखपुरी]]''' ([[२८ अगस्त]] [[१८९६]] - [[३ मार्च]] [[१९८३]]) का जन्म [[गोरखपुर]], [[उत्तर-प्रदेश]] में [[कायस्थ]] परिवार में हुआ। इनका मूल नाम रघुपति सहाय था। रामकृष्ण की कहानियों से शुरुआत के बाद की शिक्षा [[अरबी]], [[फारसी]] और [[अंग्रेजी]] में हुई। [[२९ जून]], [[१९१४]] को उनका विवाह प्रसिद्ध जमींदार विन्देश्वरी प्रसाद की बेटी किशोरी देवी से हुआ। कला स्नातक में पूरे प्रदेश में चौथा स्थान पाने के बाद आई.सी.एस. में चुने गये। १९२० में नौकरी छोड़ दी तथा [[स्वराज्य आंदोलन]] में कूद पड़े तथा डेढ़ वर्ष की जेल की सजा भी काटी। । जेल से छूटने के बाद [[जवाहरलाल नेहरू]] ने उन्हें [[अखिल भारतीय कांग्रेस]] के दफ्तर में अवर सचिव की जगह दिला दी। बाद में नेहरू जी के [[यूरोप]] चले जाने के बाद कांग्रेस का पद छोड़ दिया। फिर [[इलाहाबाद विश्वविद्यालय]] में १९३० से लेकर १९५९ तक अंग्रेजी के अध्यापक...